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                        झांसी का इतिहास History Of Jhansi

Jhansi

jhansi uttar pradesh

jhansi uttar pradesh झांसी  शहर पहुंच और बेतवा नदी के बीच स्थित साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक है ऐसा माना जाता है प्राचीन काल में jhansi uttar pradesh झांसी छेदी राष्ट्र जेजक भुकिट झझोती और बुंदेलखंड क्षेत्र में से एक था। jhansi uttar pradesh झांसी चंदेल राजाओं का गढ़ था तथा jhansi uttar pradesh झांसी का प्राचीन नाम बलवंत नगर था जी हां jhansi uttar pradesh झांसी को पहले बलवंत नगर के नाम से जाना जाता था लेकिन 11 वीं सदी में झांसी का महत्व कम हो गया
इसके बाद 17 वी शताब्दी में ओरछा के राजा वीर सिंह देव जी के शासनकाल में jhansi uttar pradesh झांसी की शोहरत फिर से बढ़ने लगी राजा वीर सिंह देव जी के मुगल सम्राट जहांगीर के साथ अच्छे संबंध थे सन 1613 ईसवी में राजा वीर सिंह देव जी ने jhansi uttar pradesh झांसी  किले का निर्माण किया सन 1627 मैं ईस्वी में राजा वीर सिंह देव जी की मृत्यु हो गई उनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र जुझार सिंह जी ने उनका सिंहासन या राज गद्दी संभाली।
पन्ना के महाराजा छत्रसाल बुंदेला एक अच्छे प्रशासक और एक बहादुर योद्धा थे सन 1729 में मोहम्मद खान बंगास ने छत्रसाल पर हमला किया पेशवा बाजीराव प्रथम महाराजा छत्रसाल की मदद की और मुगल सेना को हराया आभार के रूप में महाराजा छत्रसाल में अपने राज्य का हिस्सा मराठा पेशवा बाजीराव प्रथम को पेश किया व झांसी jhansi uttar pradesh झांसी को इस भाग में शामिल किया गया।
सन् 1742 में नरोशंकर को झांसी का सूबेदार बनाया गया 15 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ना केवल jhansi uttar pradesh झांसी  किले का प्रसार किया जो की रणनीतिक महत्व का था वल्कि कुछ अन्य भवनों का निर्माण भी किया किले का विस्तारिक  हिस्सा शंकरगढ़ कहलाता है।
सन 1779 में नरो शंकर को पेशवा ने वापस बुला लिया उसके बाद माधव गोविंद काकरदी और फिर बाबूलाल कन्हाई को झांसी का सूबेदार बनाया गया ।
सन 1766 में विश्वासराव लक्ष्मण को jhansi uttar pradesh झांसी का सूबेदार बनाया गया उनका कार्यकाल सन 1766 से 1769 तक रहा उनके बाद रघुनाथ राहु द्वितीय नेवलकर को jhansi uttar pradesh झांसी के सूबेदार के रूप में नियुक्त किया गया था वह भी बहुत सक्षम शासक थे उन्होंने राज्य के राजस्व में वृद्धि की थी महालक्ष्मी मंदिर और रघुनाथ मंदिर उनके ही द्वारा बनाए गए थे अपने निवास के लिए उन्होंने शहर में एक सुंदर इमारत रानी महल का निर्माण किया सन 1796 में रघुनाथ राव ने अपने भाई शिवराम हरी के पक्ष में सूबेदारी को सौंप दिया।
सन 1803 में ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा के बीच एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे शिव राव की मृत्यु के बाद उनके बड़े पुत्र रामचंद्र राव को झांसी का सूबेदार बनाया गया

रामचंद्र राव को अच्छा प्रशासक नहीं माना जाता था रामचंद्र राव की मृत्यु सन 1835 में हुई उनकी मृत्यु के बाद रघुनाथ राव तृतीय उनके उत्तराधिकारी बने 1838 में रघुनाथ राव तृतीय की भी मृत्यु हो गई अंग्रेज शासकों ने गंगाधर राव को jhansi uttar pradesh झांसी के राजा के रूप में स्वीकार किया रघुनाथ राव तृतीय  के कार्यकाल अवधि के दौरान अकुशल प्रशासन के कारण झांसी की वित्तीय स्थिति बहुत खराब हो चुकी थी राजा गंगाधर राव एक बहुत अच्छे प्रशासक थे वह बहुत ही उदार और शांतिपूर्ण थे उन्होंने झांसी को बहुत अच्छा प्रशासन दिया उनके कार्यकाल में झांसी की स्थानीय आबादी बहुत संतुष्ट थी सन 1842 में राजा गंगाधर राव ने मणिकार्णिका से शादी की विवाह के बाद मणिकार्णिका को नया नाम लक्ष्मी बाई दिया गया जिसने सन 1857 में अंग्रेजो के खिलाफ सेना का नेतृत्व किया उन्होंने सन 1858 में भारतीय स्वतंत्रता के कारण अपना जीवन बलिदान किया सन 1861 मैं ब्रिटिश सरकार ने झांसी किला और झांसी शहर को जीवाजी राव सिंधिया को दिया तब jhansi uttar pradesh झांसी ग्वालियर राज्य का एक हिस्सा बन गया सन 1886 में अंग्रेजों ने ग्वालियर राज्य से झांसी को वापस ले लिया स्वतंत्र भारत में झांसी उत्तर प्रदेश में शामिल किया गया था वर्तमान में झांसी डिविजनल कमिश्नर का मुख्यालय है जिसमें झांसी ललितपुर और जालौन जनपद शामिल हैं।


आखिर झांसी नाम कैसे पड़ा-

आखिर झांसी नाम कैसे पड़ा- कहा जाता है कि ओरछा के राजा वीर सिंह देव जी ने दूर से पहाड़ी पर छाया देखी जिससे बुंदेली भाषा में “झांई सी” बोला गया इसी शब्द के अपभ्रंश से शहर का नाम झांसी पड़ा।


झांसी में प्रमुख शिक्षा संस्थान Major Education Institute In Jhansi

  • (1)बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी
  • (2)बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज
  • (3)श्री गुरु नानक खालसा इंटर कॉलेज
  • (4)भानी देवी गोयल सरस्वती विद्या मंदिर
  • (5)पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्यापीठ बालाजी मार्ग झांसी (6)राजकीय इंटर कॉलेज बिपिन बिहारी इंटर कॉलेज
  • (7)क्राइस्ट द किंग कॉलेज
  • (8)लक्ष्मी व्यायाम  मंदिर
  • (9)आर्य कन्या इंटर कॉलेज
  • (10)सेंट फ्रांसिस कान्वेंट
  • (11)कैथेड्रल स्कूल
  • (12)रानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल
  • (13)कस्तूरबा कन्या इंटर कॉलेज
  • (14)सेंट ज्यूडस इंटर कॉलेज
  • (15)लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज

Jhansi Map

 झांसी में प्रमुख पर्यटन Major Tours In Jhansi


झांसी का किला Jhansi Fort


झांसी का किलाJhansi Fort झांसी jhansi uttar pradesh झांसी  का किला उत्तर प्रदेश मैं ही नहीं भारत के सबसे बेहतरीन किलो में से एक है जोकि बंगरा नामक पहाड़ी पर बना है जिसे ओरछा के राजा वीर सिंह देव जी ने सन 1613 ईस्वी में बनवाया था।
रानी महल- महारानी लक्ष्मी बाई केएस महल की दीवारों और छतों को अनेक रंगो और चित्र कारियों से सजाया गया है वर्तमान में महल को संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया है इस महल की देख रहे भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा की जाती है
झांसी संग्रहालय झांसी में स्थित यह संग्रहालय इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए मनपसंद स्थान हैं यह संग्रहालय केवल झांसी की ऐतिहासिक धरोहर को ही नहीं अपितु संपूर्ण बुंदेलखंड की झलक प्रस्तुत करता है।


महालक्ष्मी मंदिर Mahalakshmi Temple

महालक्ष्मी मंदिर झांसी jhansi uttar pradesh झांसी  के राज परिवार के सदस्य पहले श्री गणेश मंदिर जाते थे जहां पर रानी मणिकार्णिका और श्रीमंत गंगाधर राव नेवालकर कर की शादी हुई थी फिर इस महालक्ष्मी मंदिर जाते थे 18 वी शताब्दी में बना यह भव्य मंदिर देवी महालक्ष्मी को समर्पित है यह मंदिर लक्ष्मी दरवाजे के निकट स्थित है।


गंगाधर राव की छतरी


गंगाधर राव की छतरी– लक्ष्मी ताल में महाराजा गंगाधर राव की समाधि स्थित है 1853 में उनकी मृत्यु के बाद महारानी लक्ष्मीबाई ने यहां उनकी याद में स्मारक बनवाया।
गणेश मंदिरभगवान गणेश को समर्पित इस मंदिर में महाराज गंगाधर राव और वीरांगना लक्ष्मीबाई का विवाह हुआ यह भगवान गणेश का प्राचीन मंदिर है जहां हर बुधवार सैकड़ों भक्त दर्शन कर पुण्य लाभ लेते हैं यहां प्रत्येक माह गणेश चतुर्थी को प्रातःकाल और सायः काल भगवान गणेश का अभिषेक होता है।


झांसी के निकट दर्शनीय स्थल Places Of Interest Near Jhansi

सुकमा ढुकमा बांध Sukma Dhukma Dam-

सुकमा ढुकमा बांध Sukma Dhukma Dam- बेतवा नदी पर बनाया हुआ यह अत्यंत सुंदर बांध है इस बांध की jhansi uttar pradesh झांसी  झांसी शहर से दूरी करीब 45 किलोमीटर है यह बबीना के पास है।


देवगढ़ Devgarh


देवगढ़ झांसी jhansi uttar pradesh झांसी  से 123 किलोमीटर दूर यह ललितपुर के पास है यहां गुप्त वंश के समय के जैन मंदिर देखे जा सकते हैं।


रछा Orchha

ओरछा झांसी jhansi uttar pradesh झांसी  शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर यह स्थित है जहां भगवान रामराजा का ऐतिहासिक मंदिर तथा महलों एवं किलों  के लिए प्रसिद्ध है।


खजुराहो Khajuraho

खजुराहोझांसी jhansi uttar pradesh झांसी शहर से 178 किलोमीटर दूर यह स्थान 10वीं एवं 12वीं शताब्दी में चंदेल वंश के राजाओं द्वारा बनवाए गए अपने श्रंगारत्मक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।


दतिया Datia

दतिया- झांसी jhansi uttar pradesh झांसी शहर से 28 किलोमीटर दूर यह राजा वीर सिंह जी द्वारा बनवाए गए सात मंजिला महल एवं श्री पीतांबरा देवी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।


शिवपुरी Shivpuri

शिवपुरीझांसी jhansi uttar pradesh झांसी से 105 किलोमीटर दूर यह शहर ग्वालियर की सिंधिया राजाओं की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था यह शहर सिंधिया द्वारा बनवाए गए संगमरमर के स्मारक के लिए भी प्रसिद्ध है ।


झांसी आने के लिए आवागमन मार्ग Traffic Route to Jhansi


झांसी आने के लिए आवागमन मार्ग Traffic Route to Jhansi
वायु मार्ग Air Route- झांसी से jhansi uttar pradesh झांसी 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्वालियर निकटतम एयरपोर्ट है यह एयरपोर्ट दिल्ली मुंबई वाराणसी बंगलुरु आदि शहरों से नियमित फ्लाइटों के माध्यम से जुड़ा है।


रेल मार्ग Rail Road Trackझांसी jhansi uttar pradesh झांसी  का रेलवे स्टेशन भारत के तमाम प्रमुख शहरों से तथा अनेको रेलगाड़ियों से जुड़ा है।



सड़क मार्ग Roadway
झांसी  jhansi uttar pradesh झांसी  में राष्ट्रीय राजमार्ग 25 और 26 से अनेक शहरों से पहुंचा जा सकता है उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसें झांसी पहुंचने के लिए अपनी सुविधा मुहैया कराती हैं



    झांसी से संबंधित कुछ महान प्रतिष्ठित व्यक्तित्व   Some great eminent personalities related to Jhansi


  • झांसी से संबंधित कुछ महान प्रतिष्ठित व्यक्तित्व            Some great eminent personalities related to Jhansi
  • (1)चंद्रशेखर आजाद
  • (2)मैथिलीशरण गुप्त
  • (3)रानी लक्ष्मी बाई
  • (4)मेजर ध्यानचंद
  • (5)वृंदावन लाल वर्मा
  • (6)महा कवि केशवदास
  • (7)सुवोध मुखर्जी
  • (8)तात्या टोपे
  • (9)रनपति सिंह परिहार
  • (10)झलकारी बाई

झांसी से संबंधित मुख्य तथ्य Key facts related to Jhansi

  • झांसी से संबंधित मुख्य तथ्य
  • राज्य -उत्तर प्रदेश
  • जिला- झांसी jhansi uttar pradesh झांसी
  • जिला मुख्यालय- झांसी jhansi uttar pradesh झांसी
  • जनसंख्या- 5.07 लाख( सन 2011 में)
  • विकास दर- 0.15
  • लिंग अनुपात- 890
  • साक्षरता- 70.05
  • क्षेत्रफल वर्ग किलोमीटर- 5024
  • घनत्व वर्ग किलोमीटर -398
  • तहसील- (5)गरौठा, झांसी, मऊरानीपुर, मौठ ,टहरौली
  • कुल वार्ड-60
  • कुल ब्लाक- 8
  • नगर निगम-1
  • नगर पालिका परिषद-5
  • नगर पंचायत-7
  • कुल पुलिस स्टेशन-26
  • कुल सरकारी अस्पताल-4
  • लोकसभा क्षेत्र- झांसी- ललितपुर
  • विधानसभा- बबीना, गरौठा, झांसी नगर ,मऊरानीपुर
  • भाषाएं -हिंदी, बुंदेली
  • नदियां- बेतवा
  • अक्षांश देशांतर-25.54 24 41 ,79.117241

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