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जानिए क्यों 70 % तक डिस्काउंट देने वाले बड़े बड़े मॉल कैरी बैग का ₹5 चार्ज लेते हैं

दोस्तों नमस्कार indohindi.in पर आप सभी का स्वागत है आज बात करेंगे ऐसे विषय पर जो कि हम सबकी जेब से जुड़ा हुआ है या फिर यह कह लें कि जेब से कम इमोशन से ज्यादा जोड़ा है आप बड़े बड़े स्टोर या फिर मॉल से शॉपिंग करते हैं चाहे वह 2000, 5000, 10000 या फिर 20000 की ही क्यों न की हो हमें बिल पे करने में जितना दर्द नहीं होता जितना दर्द तब होता है जब बिलिंग काउंटर पर के कैसियर पूछता है कि सर कैरी बैग लेंगे क्या सुनते ही मानो शरीर में बिजली सी दौड़ जाती है why bring your own bag आखिर दौड़े भी क्यों ना क्योंकि हम मगर सब्जी वाले से टमाटर प्याज कुछ भी ले तो वह हमें पॉलीथिन में रख कर देता है और यहां ₹10000 की शॉपिंग करने पर भी हमसे कैरी बैग के लिए ₹5 मांगे जा रहे हैं और इसी बात पर हमारे अंदर का एक जागरूक उपभोक्ता जाग जाता है कई तरह की बातें बिलिंग काउंटर पर कैशियर को सुना देता है इतना ही नहीं बुलाओ मैनेजर को उनसे बात करेंगे कि आखिर हमने ₹10,000 की शॉपिंग की है हम यह सामान लेकर कैसे जाएं मैनेजर से बात करके तथा उनके जवाब से संतुष्ट होकर हम चले आते हैं लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की कि 50% 60% 70% तक भारी डिस्काउंट देने वाली कंपनियां आखिर क्यों ₹3 ₹5 ₹7 कैरी वैग का चार्ज बसूलती हैं इस आर्टिकल में आप जानेंगे असल वजह कि क्या कारण है कि कंपनियां करती हैं नए जमाने का व्यापार पीयर टू पीयर लैंडिंग What Is Peer…why bring your own bag in hindi

कैरी बैग के चार्ज को लेकर कोर्ट ने क्या कहा

कैरी बैग के चार्ज को लेकर कोर्ट ने क्या कहा – इस मामले को तब और भी ज्यादा हवा मिल गई जब चंडीगढ़ के निवासी दिनेश प्रसाद रतूड़ी ने 5 फरवरी 2019 को वाटा स्टोर से जूता खरीदा तो उन्हें ₹402 का बिल दिया गया इस बिल में पेपर बैग के ₹3 भी शामिल थे यह देखते ही why bring your own bag दिनेश प्रसाद रतूड़ी के शरीर में करंट दौड़ गया उन्होंने बोला कि इस वैग पर आपका प्रचार है तो फिर हम चार्ज क्यों दें लेकिन स्टोर की तरफ से फ्री के लिए मना कर दिया क्या फिर क्या दिनेश प्रसाद जी ने इस मामले को कोर्ट के समक्ष रखा और अदालत ने जो फैसला दिया उस फैसले को हम सब को जरूर ध्यान से पढ़ना चाहिए कोर्ट ने कहा कि अगर आप कैरी बैग का चार्ज ले रहे हैं तो फिर उस पर अपना विज्ञापन क्यों करते हैं इस तरह आप फायदा भी ले रहे हैं तथा ग्राहक से कैरी बैग का चार्ज भी ले रहे हैं कोर्ट के आदेश अनुसार किसी भी प्रिंटेड बैग जिस पर विज्ञापन हो इस तरह के बैग का चार्ज नहीं लिया जा सकता एक बार फिर से दोहरा दें कोर्ट ने बिल्कुल भी नहीं कहा कि कैरी बैग फ्री रहेगा कोर्ट ने यह कहा कि जिस बैग पर कंपनी का प्रचार है उसका चार्ज नहीं लिया जा सकता why bring your own bag लेकिन कुछ यूट्यूब चैनल तथा सोशल मीडिया तथा कुछ चैनलों पर इस तरह की खबर चलाई गई कि कैरीबैग का चार्ज नहीं लिया जाएगा कैरी बैग देना कंपनी की जिम्मेदारी है why bring your own bag कैरी बैग का चार्ज लेना ग्राहक सेवा में कमी मानी जाएगी इस तरह की बेबुनियादी बातें करके लोगों को गुमराह किया गया जबकि कोर्ट ने ऐसा बिल्कुल भी नहीं कहा था तो फिर आखिर कैरी बैग का चार्ज क्यों लिया जाता है जानते हैं आगे।आग कितने प्रकार की होती हैं तथा अलग-अलग अग्निशामक यंत्र की… why bring your own bag in hindi

आखिर कैरी बैग का चार्ज क्यों

आखिर कैरी बैग का चार्ज क्यों – अब आते हैं यक्ष प्रश्न पर कि आखिर 70% 80% तक डिस्काउंट देने वाली कंपनी पेपर कैरी बैग का चार्ज क्यों बसूलती है तो असल में बात यह है कि जितने भी रिटेल स्टोर हैं जैसे कि बाटा रिलायंस ट्रेंड्स पैंटालूंस डी मार्ट और भी कई यह सारे ऑर्गेनाइज्ड रिटेल के अंतर्गत आते हैं इसलिए इन्हें गवर्नमेंट के सारे रूल्स भारत के सात ऐसे अविष्कार जिन्होंने पूरी दुनिया में तहलका मचा… रेगुलेशंस भी मानने होते हैं जब हमने इस बात को जानने की कोशिश की कि आखिर पेपर कैरी बैग का चार्ज क्यों लिया जाता है तो पता चला भारत सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय के आदेश अनुसार 4 फरवरी 2011 से छोटे पेपर बैग के ₹3 मीडियम साइज पेपर बैग के ₹5 तथा बड़े साइज बैग के ₹7 ग्राहक से लिए जाएंगे इसके पीछे की मंशा यह है कि पेपर का इस्तेमाल कम से कम हो और लोगों के अंदर खुद का बैग लेकर चलने का कल्चर शुरू हो सके और पर्यावरण भी बचा रहे इसलिए यह कंपनियां कैरी बैग का चार्ज करती हैं why bring your own bag इसलिए हमें इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अपने साथ थैला लेकर चलना चाहिए तथा अपने सुंदर पर्यावरण को बचाने में योगदान देना चाहिए Top best Formal wear dress brand in india भारत के प्रसिद्ध फॉर्मल वेयर…why bring your own bag in hindi RAI

छोटे दुकानदार क्यों चार्ज नहीं लेते हैं

छोटे दुकानदार क्यों चार्ज नहीं लेते हैं – जैसा कि आपने ऊपर पड़ा कि भारत सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय के आदेश अनुसार कैरी बैग का चार्ज वसूला जाता है लेकिन छोटे तथा मझोले दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं हो पाती क्योंकि यह नॉनलिस्टेड होते हैं पॉलिथीन बैन होने के बावजूद भी फल तथा सब्जी वाले या फिर छोटे दुकानदार प्लास्टिक की थैलियों में ग्राहक को सामान दे देते हैं क्योंकि यह छोटे दुकानदार होते हैं इसलिए प्रशासन सख्ती भी कम करता है। TRP क्या है TRP Kya Hota Hai TRP से विज्ञापन का क्या संबंध

Top Five Reasons to Take Your Own Shopping Bags to the Store

Reusable bags might seem like a fad since cloth grocery totes are popping up everywhere, but trendy or not, cloth totes are much more than a fashion accessory.

1. Good for animals and the environment. Using your own bags means that more plastic bags won’t end up in a landfill or other places where wildlife can become entangled in them or eat them.

2. Save money. Many grocery stores offer a discount when you take your own bags. When checking out, ask your cashier if the store offers bag discounts. Typically you can get around five cents per bag. On average, if you shop each week and use about five bags, you could save about $13 per year. Hey, every little bit helps!

3. Easy activism. If you choose totes with a message, you can be a walking billboard for your cause. 

4. Sturdy transport for your precious cargo. Cloth totes are much sturdier and less likely to cave under pressure than plastic or paper bags. So no more panicking that your plastic bag might split and shatter your organic marmalade in the parking lot.

5. Help keep clutter down. Back when I used to use plastic bags, I always tended to have this storage dilemma for them. They would pile up under my sink or in the pantry and would sort of squeeze out onto the floor when the storage bin became too full.

sourcehttps://www.peta.org/living/humane-home/top-five-reasons-take-shopping-bags-store/

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